First और second year का result :-
बिना परीक्षा रिजल्ट के इंतजार में बैठे स्नातक रेगुलर-प्राइवेट प्रथम-द्वितीय वर्ष और पीजी प्राइवेट प्रथम वर्ष के स्टूडेंट का इंतजार जल्द खत्म होने वाला है। फाइनल को छोड़ मार्च में हुई मुख्य परीक्षाओं का मूल्यांकन लगभग पूरा हो गया है। चुनिंदा विषयों की कॉपियों का मूल्यांकन एक-दो दिन में निपटते ही विवि केंद्रों से कॉपियां मंगवाने जा रहा है। कैंपस में कॉपियों से नंबरों की फीडिंग होगी। विवि 15 अगस्त से पहले प्रथम एवं द्वितीय वर्ष के छात्रों को प्रमोट करते हुए रिजल्ट जारी करेगा।
15 अगस्त से पहले आएंगे विवि के रिजल्ट
मेरठ। चौ. चरण सिंह यूजी-पीजी प्रथम-द्वितीय वर्ष के स्टूडेंट के रिजल्ट 15 अगस्त से पहले जारी हो जाएंगे। कुलपति प्रो. एनके तनेजा के अनुसार विवि की सभी तैयारी पूरी हैं। मूल्यांकन पूरा होते ही विवि रिजल्ट की प्रक्रिया शुरू करेगा। नंबर फीड होने के बाद विवि अधिकतम तीन से चार दिनों में रिजल्ट जारी कर देगा। कुलपति के अनुसार विवि निर्धारित समय पर द्वितीय एवं फाइनल इयर का सत्र शुरू कर देगा। विवि इसके लिए निरंतर जुटा हुआ है।
परिकीर्या:-
मेरठ। परीक्षा नियंत्रक डॉ. अश्विनी कुमार के अनुसार मूल्यांकन लगभग पूरा हो चुका है। कुछ कॉपियां बची हैं, जो अगले कुछ दिनों में पूरी हो जाएंगी। विवि जल्द ही कॉपियों को विभिन्न जिलों में बने केंद्रों से कैंपस लाने की प्रक्रिया शुरू करने जा रहा है। विवि इसके बाद नंबरों की प्रोसेसिंग करेगा।
चौधरी चरण सिंह विवि में आगामी सत्र में 20 फीसदी कोर्स की पढ़ाई ऑनलाइन मोड में होगी। शासन ने समस्त विवि से 20 फीसदी कोर्स की ऑनलाइन कक्षा चलाने पर कार्ययोजना मांगी है। सीसीएसयू के अनुसार एक से 30 जुलाई तक निर्धारित संस्था से शिक्षकों को ऑनलाइन टीचिंग की ट्रेनिंग दी जाएगी। 80 फीसदी कोर्स का ई-कंटेंट तैयार करते हुए वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा।
अभी बहुत मुश्किल है परीक्षाएं कराना
शासन भले ही विश्वविद्यालयों से परीक्षा कराने का प्रस्ताव मांग रहा हो, लेकिन इसके हालात अभी दूर-दूर तक नहीं हैं। मानव संसाधन विकास मंत्रालय देशभर में फाइनल ईयर की परीक्षाओं को भी स्थगित करने का इशारा कर चुका है। गुरुवार को सीबीएसई-आईएससी की प्रस्तावित परीक्षाएं स्थगित कर दी गईं। सीबीएसई ने पांच जुलाई को प्रस्तावित सीटीईटी भी स्थगित कर दिया है। ऐसे में सवाल यह है कि शासन विश्वविद्यालयों से कैसे परीक्षा कराएगा। उत्तर प्रदेश में निरंतर संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। यूजीसी प्रथम एवं द्वितीय वर्ष के छात्रों को पहले ही आंतरिक परीक्षा के आधार पर अगली कक्षा में प्रमोट करने को कह चुकी है। छात्र भी परीक्षाओं का विरोध कर रहे हैं। सीसीएसयू से संबद्ध कई कॉलेजों में अभी कोविड केयर सेंटर बने हुए हैं। ऐसे में परीक्षाएं होना मुश्किल है।
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